पहलगाम में आतंकवादियों की कायराना हरकत ने पूरे राष्ट्र को गुस्से से भर दिया है. पहलगाम आतंकवादी हमले को लेकर पूरी दुनिया से भी प्रतिक्रिया देखने को मिली है. यूनाइटेड किंगडम के पूर्व पीएम ऋषि सुनक ने आतंकवादी हमले पर दुख जाहिर किया है. उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ पर लिखा है, “पहलगाम में हुए बर्बर हमले ने नवविवाहितों, बच्चों और खुशियां चाहने वाले परिवारों की जीवन छीन ली है. उनके लिए हमारा दिल टूट गया है. शोक इंकार रहे लोगों को पता है कि ब्रिटेन उनके दुख और एकजुटता में उनके साथ खड़ा है. आतंकवाद कभी नहीं जीतेगा. हम हिंदुस्तान के साथ खड़े हैं.“
भारत के साथ है अमेरिका’
इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नें आतंकवादी हमले के बाद प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ वार्ता की थी. ट्रंप ने आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे जघन्य धावा कहा है. ट्रंप ने हमले के दोषियों को इन्साफ के दायरे में लाने के लिए हिंदुस्तान को पूर्ण समर्थन की बात कही है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘उन्होंने (ट्रंप ने) जम्मू और कश्मीर में आतंकी हमले में बेगुनाह लोगों की मृत्यु पर गहरी संवेदना व्यक्त की है. हिंदुस्तान और अमेरिका आतंकवाद के विरुद्ध लड़ाई में एकजुट हैं.’’
‘इस क्रूर क्राइम का कोई औचित्य नहीं’
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद हिंदुस्तान की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और पीएम मोदी को भेजे अपने संदेश में संवेदना व्यक्त की थी. पुतिन ने बोला कि इस क्रूर क्राइम का कोई औचित्य नहीं है, दोषियों को सजा मिलनी चाहिए. पुतिन ने आतंकवाद के विरुद्ध लड़ाई में हिंदुस्तान के योगदान की बात दोहराई है.
भारत के साथ है इजरायल
इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने बोला था कि वह ‘‘इस बर्बर आतंकी हमले से बहुत दुखी हैं जिसमें दर्जनों बेगुनाह लोग मारे गए और घायल हुए हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘ हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ हैं. इजरायल आतंकवाद के विरुद्ध लड़ाई में हिंदुस्तान के साथ है.’’
जॉर्जिया मेलोनी ने जताया दुख
इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी ने बोला था कि वह पहलगाम में आतंकी हमले से बहुत दुखी हैं. उन्होंने प्रभावित परिवारों, घायलों, गवर्नमेंट और भारतीय लोगों के प्रति एकजुटता जताई है.
वहीं, आपको बता दें कि पहलगाम हमले के विरोध में पूरे हिंदुस्तान में प्रोटेस्ट हो रहा है. इस हमले में 26 लोग मारे गए हैं. इस समय हर किसी के मन में एक ही बात है कि आखिर कब इसका मुंहतोड़ उत्तर दिया जाएगा. प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के 11 वर्ष के कार्यकाल में शायद यह पहला मौका है, जब वह विदेश का दौरा बीच में ही छोड़कर हिंदुस्तान लौटे हैं. यह संकेत बता रहा है कि राष्ट्र में अगले कुछ घंटे में बड़ा होने वाला है.
