ऑपरेशन सिंदूर के मुद्दे को लेकर विदेश मंत्री जयशंकर के मुंह से निकल गई ये बड़ी बात

by admin477351

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने वॉशिंगटन में एक संवाददाता सम्मेलन में बोला कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने दुनिया को बहुत साफ संदेश दिया कि हिंदुस्तान आतंकवाद के विरुद्ध कार्रवाई करेगा. उन्होंने बोला कि क्वाड के बयान और सुरक्षा परिषद द्वारा 25 अप्रैल को जारी बयान में हमारे लिए जो जरूरी है, वह यह कि आतंकवाद के अपराधियों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए. उन्हें इन्साफ के कटघरे में लाया जाना चाहिए.

उन्होंने बोला कि यह जरूरी है क्योंकि तब हमें दुनिया को बताना होगा कि हमने क्या किया. सात मई को प्रारम्भ किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उद्देश्य यह है कि यदि आतंकी हमले होते हैं तो हम उन्हें अंजाम देने वालों, उनके समर्थकों, वित्तपोषकों और सहयोगियों के विरुद्ध कार्रवाई करेंगे. इसलिए मुझे लगता है कि यह संदेश बहुत स्पष्टता के साथ दिया गया.

जयशंकर ने बोला कि उन्होंने ‘क्वाड’ के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर अपने समकक्षों को आतंकवाद की उस चुनौती की प्रकृति के बारे में कहा कि जिसका सामना हिंदुस्तान कर रहा है और जिसे वह कई दशकों से झेल रहा है तथा हम आज इसका बहुत दृढ़ता से उत्तर देने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं और हमें अपनी रक्षा करने का अधिकार है. क्वाड में चर्चा के अतिरिक्त उनकी रुबियो के साथ अच्छी द्विपक्षीय बैठक हुई और दोनों नेताओं ने पिछले छह महीनों के घटनाक्रम पर चर्चा की एवं आगे की राह पर विचार विमर्श किया.

क्वाड राष्ट्रों के विदेश मंत्रियों – जयशंकर, अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापान के विदेश मंत्री ताकेशी इवाया द्वारा जारी एक संयुक्त बयान में सीमा पार आतंकवाद सहित हर प्रकार के आतंकवाद एवं हिंसक अतिवाद के सभी कृत्यों की साफ निंदा की गई.

क्वाड ने जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की षड्यंत्र रचने वालों, उसे अंजाम देने वालों और इसके वित्त पोषकों को बिना किसी देरी के इन्साफ के कठघरे में लाने का आह्वान किया तथा संयुक्त देश के सदस्य राष्ट्रों से इस संबंध में योगदान बढ़ाने की अपील की. क्वाड के सदस्य राष्ट्रों ने 22 अप्रैल को हुए इस आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की और सीमा पार आतंकवाद के विरुद्ध कार्रवाई का दृढ़तापूर्वक समर्थन किया. पहलगाम हमले में 26 लोग मारे गए थे.

संयुक्त बयान में बोला गया कि हम इस निंदनीय कृत्य के अपराधियों, इसे अंजाम देने वालों और वित्तपोषकों को बिना किसी देरी के इन्साफ के कठघरे में लाने का आह्वान करते हैं तथा संयुक्त देश के सभी सदस्य राष्ट्रों से आग्रह करते हैं कि वे अंतर्राष्ट्रीय कानून और संयुक्त देश सुरक्षा परिषद के प्रासंगिक प्रस्तावों के अनुसार अपने दायित्वों के मुताबिक इस संबंध में सभी संबंधित प्राधिकारों के साथ एक्टिव रूप से योगदान करें.

संयुक्त देश सुरक्षा परिषद के प्रेस वक्तव्य में पहलगाम हमले की निंदा की गई और सुरक्षा परिषद के सदस्यों ने आतंकवाद के इस निंदनीय कृत्य को अंजाम देने वालों, वित्तपोषकों एवं प्रायोजकों को जवाबदेह ठहराने और उन्हें इन्साफ के कटघरे में लाने की जरूरत पर बल दिया.

भारत ने पहलगाम हमले के उत्तर में पाक और पाक के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकियों के बुनियादी ढांचों को निशाना बनाकर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ प्रारम्भ किया था. पहलगाम हमले की जिम्मेदारी पाक स्थित आतंकी समूह लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) से संबद्ध ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (टीआरएफ) ने ली थी

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